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जो दिल तेरा सो मेरा रे नइहर वाली / मगही

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मगही लोकगीत   ♦   रचनाकार: अज्ञात

जो दिल तेरा सो मेरा रे नइहर वाली, मेरा रे अब्बा वाली॥1॥
तेरे कारन लाड़ो दिल्ली भी जायँगे।
अरे, टीके का करु[1] बनिजार[2] रे नइहर वाली।
मोतिये का करु बनिजार रे नइहर वाली।
जो दिल तेरा सो, मेरा रे नइहर वाली, मेरा रे भइया वाली॥2॥
तेरे कारन लाड़ो दिल्ली भी जायेंगे।
अरे, बेसर[3] का करु बनिजार रे नइहर वाली।
चुनिये[4] का करु बनिजार रे नइहर वाली।
जो दिल तेरा सो मेरा रे नइहर वाली, मेरा रे भइया वाली॥3॥

शब्दार्थ
  1. करूँगा
  2. व्यापार
  3. नाक का प्रसिद्ध आभूषण
  4. माणिक या लाल का छोटा टुकड़ा, छोटा नग