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टॉमी / रुडयार्ड किपलिंग / तरुण त्रिपाठी

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मैं गया एक मदिरालय में, लेने को एक गिलास बीयर,
उसका मालिक वो उठता है और कहता है, "लाल कोट[1]
 वालों के लिए यहाँ कोई सेवा नहीं."
वो लड़की खड़ी वहाँ पीछे और वे हँस दिए मृत्यु की तरह फूट कर,
मैं बाहर निकलता हूँ गलियों में और मैं ख़ुद से कहता हूँ:
ओ टॉमी, ऐसा है, और टॉमी वैसा है, और टॉमी, "दूर हटो";
हाँ लेकिन तब "धन्यवाद श्रीमान एटकिन्स[2]", जब बजने लगे प्रयाण का ढोल.
बजने लगा प्रयाण का ढोल, मेरे जवानों, बजने लगा प्रयाण का ढोल
ओ तब "धन्यवाद श्रीमान एटकिन्स", जब बजने लगे प्रयाण का ढोल.

मैं गया एक नाटकघर में जितना हो सकता था गंभीरता से,
उन्होंने एक नशे में धुत्त शख़्स को दे दी जगह पर नहीं थी मेरे लिए;
उन्होंने भेजा मुझे गलियारे[3] में या फिर जाओ किसी म्यूज़िकहॉल[4] का देखो कार्यक्रम,
हाँ लेकिन वक़्त आता है जब युद्ध का, हे ईश्वर, वे धकेल के ले जाएँगे मुझे सबसे आगे वाली सीट पर!
कि टॉमी ऐसा है, और टॉमी वैसा है, और टॉमी, "इंतज़ार करो बाहर";
हाँ तब "विशेष ट्रेनें हैं एटकिन्स के लिए" जब लहरों पर हो फौज़ी जहाज़
लहरों पर है फौज़ी जहाज़, मेरे जवानों, लहरों पर है फौज़ी जहाज़
तब "विशेष ट्रेनें हैं एटकिन्स के लिए" जब लहरों पर हो फौज़ी जहाज़.

हाँ, उन वर्दियों का मज़ाक उड़ाना जो आपकी सुरक्षा करती हैं आपके सोने के दौरान
ज़्यादा तुच्छ है उन वर्दियों की अपेक्षा, और बहुत ज़्यादा तुच्छ हैं वे लोग.
और पीये हुए सैनिकों को बुरी तरह धकेलना जब वे जा रहे हों
पाँच-गुना आसान काम है पूरी वर्दी पहने हुए परेड करने की अपेक्षा।
फिर टॉमी, ऐसा है, और टॉमी वैसा है, और टॉमी, "कैसा है तुम्हारा हृदय[5]?"
हाँ तब है "थिन रेड लाइन ऑफ़ हीरोज़[6]" जब बजने लग जाएँ ड्रम
बजने लग गए ड्रम, मेरे जवानों, बजने लग गए ड्रम
तब "थिन रेड लाइन ऑफ़ हीरोज़" है जब बजने लग जाएँ ड्रम.

हम नहीं हैं कोई दुरुस्त लाल नायक, ना ही हम हैं कोई खलनायक भी,
बल्कि महज़ आदमी हैं बैरकों में रहने वाले, सबसे बड़ी बात– जैसे तुम हो;
और अगर कभी हमारा बर्ताव नहीं भी होता जैसा बताती है तुम्हारी सारी कल्पना,
क्यों, महज़ आदमी बैरकों में रहने वाले नहीं बन जाते मूर्ति वाले संत!
जब कि टॉमी, ऐसा है, और टॉमी वैसा है, और टॉमी, "पीछे चलो",
हाँ पर "कृपया आगे-आगे चलें, श्रीमान", जब मुसीबत आई हो यहाँ
मुसीबत आई है यहाँ, मेरे जवानों, मुसीबत आई है यहाँ
ओ तब "कृपया आगे-आगे चलें, श्रीमान", जब मुसीबत आई हो यहाँ.

तुम बात करते हो बेहतर भोजन की हमारे लिए, और स्कूल, और आग, और तमाम चीज़ों की:
हम इंतज़ार कर लेंगे राशन का अगर तुम हमसे तर्क-संगत तरीके से व्यवहार करो.
रसोई की जूठनों पर न करो मूर्खता भरी बातें, बल्कि यह साबित करो हमारे लिए
कि उस विधवा-रानी विक्टोरिया की ये वर्दी नहीं हो इस फौज़ी आदमी के लिए कलंक.
कि टॉमी, ऐसा है, और टॉमी वैसा है, और "निकाल फेंको, उस नीच को!"
हाँ तब है "रक्षक अपने देश का" जब गोलियाँ दागने लगें बंदूकें;
और टॉमी, ऐसा है, और टॉमी वैसा है, और जो भी तुम्हें अच्छा लगे;
और 'टॉमी नहीं है कोई निरा मूर्ख – ध्यान रखना कि टॉमी सब कुछ देखता है!'

  1. तत्कालीन अंग्रेज़ी सैनिकों की वर्दी
  2. अंग्रेज़ सैनिकों के लिए प्रयोग किया जाने वाला एक आम उपनाम
  3. सबसे दूर की सीट जहाँ से साफ़ दिखाई भी नहीं देता
  4. मनोरंजन का एक लोकप्रिय पर निकृष्ट माना जाने वाला रूप
  5. ईसाई धर्म के प्रचारकों का प्रिय प्रश्न
  6. बलकलावा के युद्ध में रूस की फौज़ का हमला अंग्रेज़ी सेना की 93वीं रेजिमेंट द्वारा सैनिकों की केवल दो पंक्तियों के दम पर बर्बाद कर दिया गया था। 'द टाइम्स' में छपी विलियम रशेल की रिपोर्ट ने जनता में 'थिन रेड लाइन ऑफ़ हीरोज़' वाक्यांश को एक मुहावरा बना दिया