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ढेला चाहे मत फेंक, हाथ में तो ले ले / सांवर दइया

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ढेला चाहे मत फेंक, हाथ में तो ले ले ।
काम आयेगा कभी,साथ में तो ले ले।
   
यह भी सीख लेगा यहां के तौर-तरीके,
आज इसे आपनी जमात में तो ले ले।

इशितहार बना उनके न चिपका चाहे तू,
उनका नाम अपने बीच बात में तो ले ले।
   
उनकी अपनी ताकत का हो जाये अंदाज,
इस बार मुकाबला मैदान में तो ले ले।

तू आग से नहीं, यह आग डरेगी तुझसे,
बस, एक बार अंगारा हाथ में तो ले ले!