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   ♦   रचनाकार: अज्ञात

तालरिया मगरिया रे मोरू बाई लारे रया
आयो रे धोरां वाळो देश बीरो बिण्जारो रे
बीरो बिण्जारो रे मोरू ने लागे प्यारो रे
बीरो बिण्जारो रे यो म्हाने लागे प्यारो रे
आयो रे धोरां वालो देश बीरो बिण्जारो रे
आयो रे धोरां वालो देश बीरो बिण्जारो रे

कुण थाने बोल्या रे मोरू बाई बोलणा
कुण तो दिनी झिणी गाळ बीरो बिण्जारो रे
बीरो बिण्जारो रे मोरू ने लागे प्यारो रे
बीरो बिण्जारो रे मोरू ने लागे प्यारो रे
आयो रे धोरां वाळो देश बीरो बिण्जारो रे
आयो रे धोरां वालो देश बीरो बिण्जारो रे

सासूजी बोल्या रे मोरू बाई ने बोलणा
नळदल तो दिनी झिणी गाळ बीरो बिण्जारो रे
बीरो बिण्जारो रे मोरू ने लागे प्यारो रे
बीरो बिण्जारो रे मोरू ने लागे प्यारो रे
आयो रे धोरा वाळो देश बीरो बिण्जारो रे
आयो रे धोरा वाळो देश बीरो बिण्जारो रे