भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

तीन सवाल एक साथ / एरिष फ़्रीड

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

क्या एक कविता
एक ऎसी दुनिया में
-- जो अपने में ही टूट-फूटकर
शायद पतन के गर्त में जा रही हो--
अब भी सरल रह सकती है?

क्या एक कविता
एक ऎसी दुनिया में
-- जो शायद पतन के गर्त में जा रही हो
अपने में ही टूट-फूटकर--
सरल के सिवा कुछ और हो सकती है?

क्या एक दुनिया
-- जो शायद अपने में ही
टूट-फूटकर पतन के गर्त में जा रही हो--
कविता पर हुक्म चला सकती है?

मूल जर्मन भाषा से अनुवाद : उज्ज्वल भट्टाचार्य