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तुम्हारा नाम / जय छांछा

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अहा! कितने सुंदर अक्षर
रंग-बिरंगे गुलाब के फूल
खिले हों जैसे
सफेद काग़ज़ पर
एकांत में बैठकर
जब नाम तुम्हारा लिखता हूँ ।

अनार के दाने जैसे पंक्तिबद्ध और घुले-मिले
जवाहरात-से चुन कर
उन सुंदर अक्षरों की माला गूँथते हुए
किस माली ने सुझाया होगा तुम्हारा नाम ?
अहा! कितना अच्छा है तुम्हारा नाम !

उच्चारण करते हुए आनंदविभोर करने वाला
हमेशा गुनगुनाता रहूँ / सुनता ही रहूँ सदा
संगीतमय ध्वनि में गूँजने वाला
किस संगीतकार ने रखा होगा ?
अहा! मंत्रमुग्ध करने वाले जादूगर जैसा है तुम्हारा नाम !

काग़ज़ के पन्नों को पढ़ते हुए
रंगीन पंख फैलाकर निर्भीकतापूर्वक नाचने वाले
मयूर का आभास दिलाने वाला
दु:ख के समय को याद करने पर
सांत्वना का मल्हम जैसा
सुंदर अक्षरों के समूह से श्रृंगारित
अहा ! और अधिक क्या कहूँ !
मेरे जीवन का अभिन्न अंग बन गया है तुम्हारा नाम ।

मूल नेपाली से अनुवाद : अर्जुन निराला