भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

तुम्हारी सोच / नाज़िम हिक़मत / उज्ज्वल भट्टाचार्य

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

तुम्हारी सोच कितनी ख़ूबसूरत,
उम्मीदों से भरी,
एक बेहद ख़ूबसूरत गीत की मानिन्द
धरती की सबसे ख़ूबसूरत आवाज़ में...

लेकिन उम्मीद
अब मेरे लिए काफ़ी नहीं,
मुझे अब गीत नहीं सुनने हैं,
मुझे गाना है ।

अँग्रेज़ी से अनुवाद : उज्ज्वल भट्टाचार्य