भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

तुम्हारे बिना / एरिष फ़्रीड / प्रतिभा उपाध्याय

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

नहीं कुछ नहीं तुम्हारे बिना
लेकिन वैसा ही नहीं।

नहीं कुछ नहीं
तुम्हारे बिना
लेकिन शायद कम।

नहीं कुछ नहीं
लेकिन कम
और कम।

शायद नहीं, कुछ नहीं
तुम्हारे बिना
लेकिन ज्यादा नहीं।

मूल जर्मन से अनुवाद : प्रतिभा उपाध्याय