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थारै आगै खड़ा यो कांशीराम, ना मांगै सोना चांदी / अमर सिंह छाछिया

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थारै आगै खड़ा यो कांशीराम, ना मांगै सोना चांदी
और ना चाहिए धन औ।
थाम लाइयों रै हाथी कै मोहर।...टेक

आशा करकै आया सै इसनै शीश झुकाया सै
हाथ जोड़ करै प्रणाम।
भीम का नारा लाया सै, लीला झंडा लहराया सै
इसम्हं थारा भी होगा नाम।
यो सै धाम सुण लो गाम कदे भका दे कोऐ और...

गरीबां नै आगै राखैगा, गुंडा की रान्द काटैगा
यो पहले इसका ऐलान
पूंजीपतियां नै काढैगा, सब नै बराबर राखैगा
ये लाग रे देश नै खाण।
ना चालण दे ताण, राखैगा ठाण इसम्हं थारा ऐ सै जोर

जो भी वादा करैगा, कहकै नहीं फिरैगा
जैसी पत्थर पै लकीर।
सबका पेट भरैगा, थारे भी पूरे करैगा
या आ ली इब अखीर।
यो सन्त फकीर, थारै घालै खीर, जीमैगी सारी ऐ लोर...

रोजगार सबनै पावैगा, देश तरक्की पै जावैगा
यो होवैगा इन्साफ।
विरोधी कै दुख होवैगा, यो बड़कै भीतर रोवैगा
यो पिवैगा सपरा और शराब।
अमर सिंह करै प्रचार, सब का मेल मिलाप यो रहा समाज नै जोड़...