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दीवाली केरोॅ दोहा / अभिनंदन

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दीवाली हेनोॅ हुएॅ, बुझेॅ नै कहियो जोत
स्नेह बढ़ेॅ, स्नेहिल बढ़ेॅ, बढ़ेॅ प्रेम के सोत ।

कहीं-कहीं इंजोर छै, आरो कहीं अन्हार
हेनोॅ दीवाली हुएॅ, चाँद बनेॅ संसार ।

ड्योढ़ी सें कुटिया तलक, झलकेॅ एक इंजोर
समझोॅ दीवाली होलै, रातिये होलै भोर ।