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दुआ / सफ़दर इमाम क़ादरी

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हमारे कथाकार दोस्त
कासिम ख़ुरशीद ने पूछा
शिमले से हमारे लिए क्या लाए
आप की उन्नति के लिए
आठ हज़ार फ़ुट ऊँचाई से दुआ की
शिमला से आसमान की दूरी कम हो जाती है
अर्श[1] नज़दीक होता है
बन्दे और ख़ुदा के बीच की दूरी
घट जाती है
दुआ कुबूल हो जाती है
पहाड़ की सबसे ऊँची चोटी पर खड़े होकर
आँखें बन्द करके
हवाओं में बाँहें फैलाओ
"ख़ुदा बन्दे से ख़ुद पूछे
बता तेरी रज़ा[2] क्या है?"

शब्दार्थ
  1. ईश्वर का सिंहासन
  2. ख़ुशी, इच्छा