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दुखियाक दिन बड़ भारी हे काली मइया / मैथिली लोकगीत

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मैथिली लोकगीत   ♦   रचनाकार: अज्ञात

दुखियाक दिन बड़ भारी हे काली मइया
कोखियामे पुत्र नहि, सींथो सिनुर नहि
कोना कऽ दिवस गमायब हे काली मइया
सेर न पसेरी काली, द्वार ने दरबज्जा काली
कथी लए दिवस गमेबइ हे काली मइया
सूरदास प्रभु तोहरे दरस के, सदा रहब रछपाल
हे काली मइया, दुखियाक दिन बड़ भारी