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देख देख ढंग दुनिया कर मनै अचरज सा आवै सै / मेहर सिंह

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न्यारे न्यारे ख्याल जमाना के सुणना चाहवै सै
देख देख ढंग दुनिया कर मनै अचरज सा आवै सै।टेक

कोए कैह सै लखमीचन्द के गीत पुराने गा दे
कोए कैह सै नौटंकी के दो एक टूक पकड़ा दे
कोए कैह सै पूर्णमल की सारी कथा सुणा दे
कोए कैह मनै हरिश्चन्द्र का सारा हाल बता दे
बेरा ना लोगां नै इन बातां मैं के थ्यावै सै।

कोए कैह सै तर्ज फिल्म की बढ़िया गादे गाणा
कोए कैह सही शब्द बोल कोए सुण ले बड्डा स्याणा
कोए कैह सै बता हीर नै क्यें ब्याह कै लेग्या काणा
कोए कैह सै पद्मावत का चाहिए हाल बताणा
कोए कैह सै यो रोट पाड़ सै कई बै आ जावै सै।

कोए कैह गोपी चन्द मैं कै बोल्या बाजे नाई
कोए कैह तूं ठीक बोल आड़ै बैठे लोग लुगाई
कोए कैह तारा चन्द गादे गादे मीरा बाई
कोए कैह दिये छोड़ कथा ना म्हारी समझ मैं आई
कोए कैह ईह नै कुछ ना आता व्यर्था मुंह बावै सै।

कोए कैह सै सुणा रागनी बहोत फिरै सै मरते
कोए कैह छोरे आज रात नै रांद काट कै धर दे
कोए कैह तूं बणा कै देवी खड़ी सामनै कर दे
जाट मेहर सिंह गावणियां बता किस किस का पेटा भर दे
एक ऊत आण कै न्यूं बोल्या तूं के घंटा गावै सै।