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नहीं चाहिए सीख बड़ों की / दिविक रमेश

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आओ बच्चो आओ चलकर
उस बच्चे के संग भी खेलें
वह अकेला बैठा कब से
उसको भी टोली में कर लें

माँ भी और पिता भी उसके
लगे हुए हैं मजदूरी में
सड़क किनारे छोड़ा बच्चा
सच जानों बस मजबूरी में

आओ बच्चो मिलकर कह दें
बच्चे को बच्चा रहने दो
जाति धर्म व धन के विष से
बच्चे को तो बचा रहने दो।

क्यों लड़ें हम आपस में ही
कठपुतली से आप बड़ों की
हम ऐसे ही छोटे अच्छे
नहीं चाहिए सीख बड़ों की।

आओ बच्चो आओ मिलकर
हम खिला दें प्यार की कलियाँ
आओ मिलकर हम महका दें
इस दुनिया की सड़ती गलियाँ।