भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

निज़ामुद्दीन-7 / देवी प्रसाद मिश्र

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

पता नहीं यह किस्सा ग़ालिब ने कभी सुनाया भी या कि कभी नहीं सुनाया कि एक आदमी सत्ता का ग़ुलाम हो जाया करता था और उसको इसका नुक़सान यह हुआ कि उसका फ़ायदा कम होता ही नहीं था।