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न्यूयार्क के लिए एक क़ब्र-2 / अदोनिस

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यहाँ,
संसार की चट्टान की फफून्द वाली सतह पर
मुझे कोई नहीं देखता सिवा हत्या किए ही जाने वाले एक
काले आदमी और मरने ही वाली एक चिड़िया के अलावा ;
मैंने सोचा :
एक लाल फूलदान में रह रहा एक पौधा नहीं कर रहा था अपना कायान्तरण
जब मैं दूर हट रहा था देहरी से ; और मैंने पढ़ा
बेरूत और बाक़ी जगहों के चूहों की बाबत
जो एक व्हाइट-हाउस के रेशम की अकड़ में
काग़ज़ों से लैस, कुतर रहे थे जन को ;
और पढ़ा वर्णमाला के बग़ीचे में
कविता को कुचल रहे सूअरों के अवशेषों की बाबत ।
और जहाँ भी मैं था :
मैंने देखा –-
पिट्सबर्ग (अन्तरराष्ट्रीय कविता मंच),
जोंस हॉपकिन्स (वॉशिंगटन), हारवर्ड
(कैम्ब्रिज-बोस्टन), एन हार्बर (मिशीगन –
डेट्रायट), फॉरेन प्रेस क्लब, संयुक्त राष्ट्र में
द अरब क्लब (न्यूयॉर्क), प्रिंसटन,
टेम्पल (फिलाडेल्फिया),

अरब का नक़्शा एक घोड़ा घसीटता हुआ अपने क़दमों को जबकि समय
किसी जीन की तरह ढीला टँगा हुआ था क़ब्र की तरफ़
या सबसे गहरे रंगों की तरफ़, या एक मरी हुई आग की तरफ़
या एक मरती हुई आग की तरफ़, उधेड़ता हुआ कारकुक, अल-दहरान और अरब एफ्रो-एशिया के
ऐसे ही किलों के दूसरे आयामों के रसायनशास्त्र को । और
यह रहा संसार
पकता हुआ फल की तरह हमारे हाथों में । सुनते हो ! हम तैयारी करते हैं तीसरी लड़ाई की
और स्थापित करते हैं पहले, दूसरे, तीसरे और चौथे ब्यूरो ताकि नीचे लिखी बातें सुनिश्चित की जा सकें :
-- उस तरफ, एक जैज़ पार्टी चल रही है.
-- इस घर में, एक ऐसा शख़्स है जिसके पास स्याही के अलावा कुछ नहीं
-- इस पेड़ पर एक चिड़िया गा रही है ;
और यह घोषणा करने को कि -–
-- जगह को पिंजरों या दीवारों की मदद से मापा जाता है
-- समय को मापा जाता है रस्सियों या कोड़ों से
-- इस संसार का निर्माण करने वाली व्यवस्था अपने भाई की हत्या करने से शुरू होती है
-- चन्द्रमा और सूरज सुल्तान के सिंहासन के टेल जगमगाने वाले दो सिक्के हैं.
और मैंने देखा
धरती की चौड़ाई पर फैले अरब नामों को
जो आँखों से भी ज़्यादा मुलायम, चमकते हुए लेकिन जैसे चमकता है एक
खोया हुआ सितारा,
एक सितारा जिसके पूर्वज नहीं, और जिसकी जड़ें
उसके क़दमों में हैं …
यहाँ,
संसार की चट्टान की फफून्द वाली सतह पर मैं स्वीकार करता हूँ, मैं जानता हूँ ।
मुझे एक ऐसे पौधे की याद है जिसे मैं ज़िन्दगी या अपना मुल्क कहता हूँ, जिसे
मैं मौत या अपना मुल्क कहता हूँ –- एक हवा जो ठहर जाती है लबादे की तरह, एक चेहरा जो
नाटक की हत्या कर देता है, एक आँख जो रोशनी को नकार देती है ;
और मैं आविष्कार करता हूँ तुम्हारा विरोधाभास, ओ मेरे मुल्क,
मैं तुम्हारे नरक में उतर कर चीख़ता हूँ :
मैं निचोड़ता हूँ एक ज़हरीला अमृत तुम्हारे लिए
और तुम्हें देता हूँ नया जीवन ।
और स्वीकार करता हूँ : न्यूयॉर्क, मेरे देश में खम्भों की क़तारें तुम्हारी हैं
और पलंग, कुर्सी और सिर । और सारा कुछ है
बिक्री के वास्ते : दिन और रात, मक्का का
पत्थर और दज़ला का पानी । और
मैं घोषणा करता हूँ : इस के बावजूद,
कुत्तों की तरह तुम्हारा दौड़ना फिलिस्तीन में, हनोई में, उत्तर और दक्षिण में,
पूर्व और पश्चिम में, उन आँकड़ों के ख़िलाफ़ जिनका आग के अलावा कोई इतिहास नहीं.
और मैं कहता हूँ : जॉन द बैप्टिस्ट के बाद से ही, हम में से हर कोई
लिए फिरता है परात में धरे अपना सिर, एक दूसरे जन्म की प्रतीक्षा करता हुआ ।