भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

परदेस / आई लव माय इंडिया

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

लन्दन देखा, पेरिस देखा और देखा जापान,

माईकल देखा, एल्विस देखा , सब देखा मेरी जान,

सारे जग में कहीं नहीं है दूसरा हिंदुस्तान,


यह दुनिया एक दुल्हन, दुल्हन के माथे की बिंदिया,

यह मेरा इंडिया , यह मेरा इंडिया,

आई लव माय इंडिया , आई लव माय इंडिया......


जब छेड़ा मल्हार किसी ने, झूम के सावन आया,

आग लगा दी पानी में जब, दीपक राग सुनाया,

सात सुरों का संगम यह जीवन गीतों की माला,

हम अपने भगवन को भी कहते हैं बांसुरी वाला,

यह मेरा इंडिया, आई लव माय इंडिया......


पीहू पीहू बोले पपीहा , कोयल कुहू कुहू गाये,

हँसते रोते हमने जीवन के सब गीत बनाये,

यह सारी दुनिया अपने अपने गीतों को गाये,

गीत वो गाओ जिससे इस मिट्टी की खुश्बू आये,

मिट्टी की खुश्बू आये , आई लव माय इंडिया......

वतन मेरा इंडिया, सजन मेरा इंडिया,


यह दुनिया एक दुल्हन, दुल्हन के माथे की बिंदिया,

यह मेरा इंडिया , यह मेरा इंडिया,

आई लव माय इंडिया , आई लव माय इंडिया......

करम मेरा इंडिया, धरम मेरा इंडिया...