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पाँच हाइकु / कोबायाशी इस्सा / सौरभ राय

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उम्र पूछे जाने पर
नया किमोनो पहने बच्चे ने दिखाईं
पाँच उँगलियाँ।

बुद्ध से प्रार्थना करता
मैं मारता
मच्छरों को।

चिन्ता मत करो, मकड़ियो,
मैं रहता हूँ घर में
लापरवाह।

इस कड़ी धूप में
मेरी छाया
कितनी ठण्डी।

द्वार के सामने –
मेरी छड़ी ने बनाई नदी
पिघली बर्फ की।

अँग्रेज़ी से अनुवाद : सौरभ राय