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पार्क की बेंच / लैंग्स्टन ह्यूज़ / अनुराधा सिंह

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मैं एक पार्क की बेंच पर रहता हूँ
और तुम पार्क एवेन्यू में
देखो, ज़मीन आसमान का फ़र्क है हमारी हैसियत में
क्योंकि आज जब मैं माँग कर खा रहा हूँ
तुम्हारे पास खानसामों की फौज है
पर कहो, कहो कि तुम डर रहे हो मुझसे
तुम डर रहे हो मेरे जाग उठने से
तुम आतंकित हो
कि बस साल दो साल में
मैं पार्क एवेन्यू में
तुम्हारी जगह ले लूँगा।

अँग्रेज़ी से अनुवाद : अनुराधा सिंह