भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

पुरानी यादें-6 / मनीषा पांडेय

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

घर के गर्दो-गुबार की तरह
सूरज उगने से पहले
बुहारकर निकाल दूँ
सारे बीते दिन
गुज़री हुई यादें
इतनी दूर
कि हवा के साथ उड़कर वापस न आ सके