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पैले न्यूते पैले न्यूते, वेदमुखी बरमा

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   ♦   रचनाकार: अज्ञात

पैले[1] न्यूते[2] पैले न्यूते, वेदमुखी बरमा,
आज चैन्द बरमा जी को काज।
तब न्यूते, तब न्यूते औजो को बेटा,
आज चैन्द बढ़ैं[3] को काज।
आज न्यूती याले मैन हालदान[4] की बाड़ी,
आज चैन्द हलदी को काज,
आज न्यूती यालेन मैन मंगल्यानी[5] नारी,
आज चैन्द मांगल को काज।
आज न्यूती यालेन मैन साट्यों की सटेड़ी[6]
आज चैंद मोतियों को काज।

शब्दार्थ
  1. प्रथम
  2. निमंत्रण
  3. बधाई
  4. हल्दी
  5. मंगल गायिकाएँ
  6. धान के खेत