भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
  काव्य मोती
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

प्रधान की अभिलाषा / अरुण कमल

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

अपने प्रधान इतने जनतंत्री थे कि
जब भी फ़ोटो लिया जाता
वह अपना एक पैर आगे कर देते,
क्योंकि चेहरे के मुकाबले पैरों की निरन्तर
उपेक्षा रही है फ़ोटो की दुनिया में,
कहते--
मेरी अभिलाषा है कि प्रजा मुझे चेहरे से नहीं
चरणों से जाने।