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प्रेम की ज्योति से भरपूर / सरदार सोभा सिंह

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प्रेम की ज्योति से भरपूर

जो हृदय
प्रेम से ज्योतिर्मय था
उसी हॄदय में बैर?

नहीं!
भिखारी रखते हैं बैर
भूख करवाती है घृणा
भूख बनाती है बेगाना.