भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

प्रेम सर्जन है / गुन्नार एकिलोफ़

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

प्रेम सर्जन है
प्रेम धँस सकता है छुरी की भाँति तुम्हारे माँस में,
प्रेम कर सकता है हृदय की शल्य-चिकित्सा,
प्रेम कर सकता है तुम्हारा खतना,
शायद तुम मानो नहीं,
मगर मैं जानता हूँ : प्रेम
रेंग सकता है
तुम्हारी त्वचा में, तुम्हारे रोम में, तुम्हारी चाल में

प्रेम के वास्ते कोई उपचार नहीं,
सिवाय सर्जन की छुरी के ।

अँग्रेज़ी से अनुवाद : सुधीर सक्सेना