भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

फिरे राह से वो यहां आते आते / दाग़ देहलवी

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

फिरे राह से वो यहाँ आते आते
अजल मेरी रही तू कहाँ आते आते

मुझे याद करने से ये मुद्दा था
निकल जाए दम हिचकियां आते आते

कलेजा मेरे मुंह को आएगा इक दिन
यूं ही लब पे आह-ओ-फ़ुगां आते आते

नतीजा न निकला थके सब पयामी
वहाँ जाते जाते यहाँ आते आते

नहीं खेल ऐ 'दाग़' यारों से कह दो
कि आती है उर्दू ज़ुबां आते आते