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फुनगी पर बिहार / सुधीर कुमार 'प्रोग्रामर'

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मेहनत सेॅ टुटतै दरद के पहाड़ हो
रसें-रसें फुनगी पर चढ़तै बिहार हो,
जोर जरा जोर सेॅ लगाव।

कमियां कमासुत छै जेरा के जेरा
एंगना में हुल्कै छै टुह-टुह सबेरा
खेतोॅ के सोना ओसाबोॅ खम्हार हो
टाल दहो टाल के लगाय.. बिहारी।

बुद्ध केरोॅ धरती महावीर के डेरा
बेटी तेॅ चान छिकै बेटा सितारा
दोनों बुढापा के बन्तै कहार हो
लूर दहो लूर से सिखाय.. बिहारी।

इ पहिनें, उ पहिनें छोड़ोॅ आरार हो
मिल्लत के गाछितर मिल्थों छहार हो
कहियों नै लौटे पुरनका अन्हार हो
सूरज के गाछ दा लगाय..बिहारी