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बच्चे जो मर जाते हैं / लैंग्स्टन ह्यूज़ / अरुण चन्द्र रॉय

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यह मर जाने वाले बच्चों के लिए है
जो हो सकते हैं किसी भी जाति, धर्म या रंग के,
उन बच्चों के लिए जो
निश्चित तौर पर मर जाएँगे
कुलीन और अमीर लोग रहेंगे जीवित
हमेशा की भाँति
चूसते हुए शोणित, खाते हुए सोना-चान्दी
बच्चो को मरणासन्न छोड़ कर ।

बच्चे मिसिसिपी के खेतों में मर रहे होंगे
जब उनके माता-पिता बटाई पर कर रहे होंगे खेती
बच्चे शिकागो की गलियों में मर रहे होंगे
जब उनके माता-पिता कर रहे होंगे मज़दूरी
कलिफ़ोर्निया के संतरे के बाग़ानों में भी मर रहे होंगे बच्चे
चुनते हुए संतरे
गोरे और फिलिपिनो,
नीग्रो और मैक्सिकन,
हर रंग, धर्म के बच्चे मारे जाएँगे
वे बच्चे जो नहीं जानते हैं अभी
क्या होता है झूठ, कैसे ली जाती है रिश्वत, लालच
और छद्म शान्ति ।

बुद्धिजीवी और ज्ञानी
जो लिखते हैं अख़बारों के सम्पादकीय
जिन महान लोगों के नामों के पहले लगा होता है "डॉ०"
किसी भी जाति, धर्म के
जो करते हैं सर्वेक्षण , लिखते हैं क़िताबें
जो शब्दों का चक्रव्यूह रचते हैं मरने वाले बच्चों की हत्या के लिए
और सुस्त न्यायलय, रिश्वतखोर पुलिस
और रक्तपिपासु सेना,
धनाढ्य साधु-सन्त और धर्मप्रचारक
सब खड़े मिलेंगे एक पक्ष में मरे हुए बच्चों के विरुद्ध
कानून के अनुच्छेदों, बन्दूक के छर्रों की सहायता से हराते हुए
डराते हुए

मरने वाले बच्चे होते हैं
जैसे आदमी के रक्त में लौह-तत्व
और ये कुलीन और अमीर लोग नहीं चाहते
लोगों के जिह्वा पर चढ़े मरने वाले बच्चों के ख़ून का लौह-तत्व
क्योंकि वे नहीं चाहते लोगों को हो जाए उनके भीतर की ताक़त का एहसास
एंजेलो हेरण्डन की बातों पर हो विश्वास या फिर वे हो जाएँ एकजुट

सुनो, मरने वाले बच्चो !
तुम्हारे लिए नहीं बनेगा कोई स्मारक
अलग बात है कि बसे रहोगे तुम हमारे हृदयों में
हो सकता है तुम्हारा मृत शरीर फेंक दिया जाएँ किसी दलदल में
या किसी जेल की क़ब्र में या किसी खेत में दफ़ना दिया जाए
या बहा दिया जाए किसी नदी में
किन्तु आएगा ऐसा दिन
जब हज़ारों क़दम एक साथ उठ पड़ेंगे
और तुम्हारे हक़ में आवाज़ उठाएँगे
तुम्हारे लिए प्रेम, ख़ुशी और आनन्द का स्मारक बनाएँगे
जब विभिन्न जातियों और धर्मों के हाथ एक साथ मुट्ठियों में बदल जाएँगे
और मरे हुए बच्चो के बहाने
उनके गीत क्षितिज पर छा जाएँगे
वह गीत विजय का होगा, वह गीत विजय का होगा ।

अँग्रेज़ी से अनुवाद : अरुण चन्द्र रॉय