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बड़े बड़यां ने सिर मार्या सै इन बीरा तै बतलावण मैं / मेहर सिंह

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वार्ता- रणबीर सैन को राजकुमारी के मोह में फंसा देख कर चन्द्रदत्त उस को क्या समझाता है।

प्रीत करी वो नर हार्या सै इन रास्यां मैं दुख भारया सै,
बड़े बड़यां ने सिर मार्या सै इन बीरा तै बतलावण मैं।टेक

जिन नैं इन तै करी प्रीत
उनकी नहीं ठिकाणै नीत
जिसनै रीत पकड़ ली ओली
लागै इश्क रूप की गोली
बता कुण कुणसा भर लेग्या झोली इनतै आंख मिलावण मैं।

जो नर बीज बिघन का बोग्या
वो ना छोड़़्या क्याहें जोगा
जो होग्या इनके बल मैं
मोह का जाल गेर दें गल मैं
प्यारी बण कै दे लें छल मैं तिरछे नयन चलावण मैं।

ईब न्यूं रोवै सै रणबीर
मेरी नहीं बंधाई धीर
दुख का तीर कालजे लाग्या
पापण बोल कालजा खाग्या
पदमावत तेरै के थ्याग्या, झूठे हाथ हिलावण मैं।

तन पै पड़ज्या जिसी ऐ सह सै
ज्यान किसी फंदे बीच फह सै
यो देश कह सै सांगी हो ले
बाप कह सै कितै नाक डुबो ले
मेहर सिंह किसे माचे रोले रागनियां के गावण मैं।