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बर खोजन जब चललन बाबा हे, हाँथ गुलेल / मगही

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मगही लोकगीत   ♦   रचनाकार: अज्ञात

बर खोजन[1] जब चललन बाबा हे, हाँथ गुलेल[2] मुँह पान हे।
पुरूब खोजलन[3] पछिम खोजलन, खोजलन मगह मनेर[4] हे॥1॥
खोजइते खोजइते गेलन अजोधेया नगरी, मिलि गेलन राजकुमार हे।
राजा दसरथजी के चारियो बेटवा, हमें घर सीता कुँआर हे॥2॥

शब्दार्थ
  1. खोजने, ढूँढ़ने
  2. धनुष के आकार का बना अस्त्र, जिसके सहारे गोली फेंकी जाती है
  3. खोजा, ढूँढ़ा
  4. मगध प्रदेश का एक कसबा, जो सोन और गंगा के संगम पर बसा है और जो एक प्राचीन ऐतिहासिक गाँव है