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बहुत गुमनामों में शामिल एक नाम अपना भी है / अमित

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बहुत गुमनामों में शामिल एक नाम अपना भी है
इल्मे-नाकामी[1] में हासिल इक मक़ाम[2] अपना भी है

गौर करने के लिये भी कुछ न कुछ मिल जायेगा
हाले-दिल पर हक़ के बातिल[3] इक कलाम[4] अपना भी है

मेहरबाँ[5] भी हैं बहुत और कद्रदाँ[6] भी हैं बहुत
हो कभी ज़र्रानवाज़ी[7] इन्तेजाम अपना भी है

कब हुज़ूरे-वक़्त को फ़ुरसत मिलेगी देखिये
मुश्त-ए-दरबान[8] तक पहुँचा सलाम अपना भी है

चलिये मैं भी साथ चलता हूँ सफ़र कट जायेगा
आप की तक़रीर[9] के पहले पयाम[10] अपना भी है

इक परिन्दे की तरह बस आबो-दाने[11] की तलाश
जिन्दगी का यह तरीका सुबहो-शाम अपना भी है

घर की चौखट तक मेरा ही हुक़्म चलता है ’अमित’
मिल्कीयत[12] छोटी सही लेकिन निज़ाम[13] अपना भी है

शब्दार्थ
  1. असफलता की विद्या
  2. स्थान
  3. सच या झूठ
  4. वाणी या वचन
  5. दयालु
  6. गुणग्राहक
  7. दीनदयालुता
  8. दरबान की मुट्ठी
  9. भाषण या उपदेश
  10. संदेश
  11. अन्न-जल
  12. जायेदाद
  13. शासनव्यवस्था या प्रबन्धतन्त्र