भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
  काव्य मोती
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

बात-बात में तकरार घणी / सांवर दइया

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

बात-बात में तकरार घणी
कद लेसी तूं अवतार धणी

गोधां नै कुण कांई कैवै
है मिनख नै अठै मात घणी

कांई ठा कद जीतसां आपां
पग-पग देखी म्हैं हार घणी

लिछमण रेखा किंयां ओळंगा
आंख्यां आगै है कार धणी

थारै भरोसै नाव म्हारी
अबै तूं ई लगा पार धणी