भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

बीज / देवी प्रसाद मिश्र

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

मैंने प्लेट में टमाटर के ऐसे टुकड़े देखे
जो मैंने पहले कभी नहीं देखे थे मतलब
कि ऐसे कि जैसे ताज़ा ख़ून से भरे हों
उनका वलय भी बड़ा था उनके बीज भी
मोतियों सरीखे थे मेरे मेज़बान ने उन
टुकड़ों को मेरी प्लेट में रख दिया मैंने
महसूस किया कि इस आदमी के हाथ
बहुत बड़े हैं इतने कि वह मेज़ के आर-पार
अपना हाथ ले जा सकता है और चाहे तो
मेरी गर्दन भी पकड़ सकता है वह इतना लंबा है
कि मेरे सिर पर अपनी प्लेट रख कर
अपना खाना खा सकता है मैंने टमाटर
के टुकड़ों को थोड़ा दहशत के साथ देखते
हुए कहा कि आप के हाथ बहुत लंबे हैं तो
उसने थैंक यू कहा -- यह लगा कि उसने
मुझे डाँटा मतलब कि उसकी कृतज्ञता में
सपाटता थी और उसने बहुत बेरुख़ी से
बताया कि वह एक मल्टीनेशनल में
सेल्ज़ में है और फिर वह मुझे इस तरह
देखता रहा कि जैसे वह यह बताना चाहता
हो कि मेरे कितने कम दाम लगेंगे

जिस टमाटर से यवतमाल के किसान का ताज़ा ख़ून
जैसा रिस रहा था उस टमाटर के बारे में
उसने बताया कि यह जेनेटिकली मॉडीफ़ाइड बीज
वाला टमाटर है जिसके बीज अमेरिका में
तैयार किए गए हैं जान यह पड़ता था कि
बहुत लंबे हाथों वाला वह आदमी भी ऐसे ही
किसी बीज से पैदा हुआ था जिसे विकसित
करने में अमेरिका ने बरसों मदद की हो