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बोस इसी साड़ी ल्यादे दुःख दूर उमर भर का हो / दयाचंद मायना

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बोस इसी साड़ी ल्यादे दुःख दूर उमर भर का हो...टेक

ना मोटा ना पतला लत्ता खद्दर सुथरी शान का हो
ठापा और चतेरा छापा फैशन नए डिजान का हो
साड़ी कै म्हां खिंचा होया नकसा हिन्दुस्तान का हो
रामचन्द्र और लक्ष्मण फोटू वीर हनुमान का हो
चारों पल्यां ऊपर चित्र सावित्री सतवान का हो
पीला, हरा, सफेद रंग आजादी की दुकान का हो
बीच महात्मा का फोटू पास धरा चरखा हो...

पीला, हरा, सफेद तिरंगा चढ़राा खूब कमाल का हो
साड़ी के म्हा कढ़ा कसीदा आज और काल का हो
कांग्रेसी टोपी का फोटू बिल्कुल नई चाल का हो
राधे और कृष्ण का फोटू ईश्वर दीन-दयाल का हो
मौलाना, पटेल का फोटू माहे राजगोपाल का हो
विजय लक्ष्मी देवी फोटू पं. जवाहर लाल का हो
जब साड़ी नै ओढूंगी स्वराज म्हारे घर का हो...

मथुरा बिन्द्रावन का फोटू अयोध्या और कांशी का हो
चन्द्रमासा खिला हुआ चौदस पूर्णमासी का हो
आगरे दिल्ली का फोटू माहे नकसा झांसी का हो
जलियांवाला बाग का फोटू पापी डायर की बदमासी का हो
हिलता दे दिखाई तख्ता भगत सिंह की फाँसी का हो
आजाद हिंद फौज का फोटू बोस उतर्या सिंगापुर का हो...

जै तू साड़ी ना लाया तै मानस ना कुछ काम का हो
साड़ी कै मै लग्या हुआ खून मनुष जाम का हो
लड़ती दिखै सेना नक्शा बर्मा और आसाम का हो
साड़ी के म्हां फोटू म्हारे भारत देश तमाम का हो
जगह-जगह पै नाम लिखा सतगुरु मुंशी राम का हो
दयाचन्द का घर साड़ी मैं नक्शा माने गाम का हो
छोटे-बड़े कवि सभी ताज मेरे सिर का हो...