भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
  काव्य मोती
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

भगवान का रूप / सांवर दइया

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

एक सपना होता है
बच्चे की आंख में
दोस्तों के संग
वह खेलते-खेलते बनाता है
रेत का घर

खुद बना कर
खुद ही ढाहता है

सच कहती है मां-
बच्चे भगवान का रूप होते हैं !
 

अनुवाद : नीरज दइया