भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

भारत की नैया के खिबैया मुदे जेल बीच / नाथ कवि

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

भारत की नैया के खिबैया मुदे जेल बीच।
घुमड़ घटान सी अराजकता छाई है॥
पटरी उखाड़ कहूँ तार तोर-तार डार।
हिय में स्वतन्त्रता की आग सी लगाई है॥
प्रांत गुजरात आज शेर सौं दहाड़त है।
देश हित सरबस हूँ दीनों गवाई है॥
धन्य मद्रास, औ बिहार धन्य धन्य ‘नाथ’।
यू.पी. के निवासिन पताका फहराई है॥