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भालू आया / द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी

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लाठी लेकर भालू आया
छम-छम छम-छम छम-छम-छम
डुग-डुग डुग-डुग बजी डुगडुगी
डम-डम डम-डम डम-डम-डम
ढोल बजाता मेढक आया,
ढम-ढम ढम-ढम ढम-ढम-ढम
मेढक ने ली मीठी तान,
और गधे ने गाया गान।