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मनुष्य ! तुम अपना एक कच्चा मसौदा भर हो / डोरिस कारेवा / तेजी ग्रोवर

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मनुष्य,
तुम अपना
एक कच्चा मसौदा भर हो —

अपने हृदय के गुलाम,
अपने कर्मों के स्वामी ।

जब बोल चुकेंगे
शर्म, पीड़ा और भय,
जो अभी तक अनाम है,
उसका भी एक स्वर होगा —

वह जो
व्यक्ति को रचता है ।

लेकिन
वह बोलेगा नहीं ।

अँग्रेज़ी से अनुवाद : तेजी ग्रोवर