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मन बांधै जद डोर भायला / सांवर दइया

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मन बांधै जद डोर भायला
चाल कांई जोर भायला

औ धन थारो जतन सूं राख
पग-पग ऊभा चोर भायला

मैलां नै लागै जग मैलो
बात ऊजळी टोर भायला

आवै गाजै बरसै कोनी
नित तरसावै लोर भायला

प्रीत पुसब री सौरम गमगी
मन में ऊग्या थोर भायला