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माँ मालती देवी स्मृति सम्मान समारोह व काव्यार्पण - सितम्बर 2018

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नालंदा जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन व कविता कोश के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित मां मालती देवी स्मृति सम्मान समारोह व काव्यार्पण का आयोजन शहर के टाउन हॉल में आयोजित किया गया। जिसका उद्घाटन साहित्यकार मिथलेश, मुचकुंद शर्मा, शिक्षाविद डॉ कुमार अरुणोदय, समीर परिमल, राहुल शिवाय, साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ दयानंद प्रसाद, सचिव उमेश प्रसाद उमेश, किड्ज केयर कान्वेंट के निदेशक विनय कुमार पूर्व मगही अकादमी के पूर्व अध्यक्ष उदय शंकर शर्मा व संयोजक संजीव कुमार मुकेश ने संयुक्त रूप से किया।

इस अवसर पर सूबे के पांच साहित्यकार व समाजसेवी को क्षेत्र में अनुपम योगदान हेतु अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि साहित्य समाज का आईना होता है। समाज का साहित्य जितना समृद्ध होगा वह समाज उतना ही विकसित होगा। अतिथियों का स्वगात किड्ज़ केयर कान्वेंट छात्राओं द्वारा राकेश बहादुरपुरी के निर्देशन में संगीतमय किया गया। छात्राओं ने माँ की ममता से संबंधित कई गीत प्रस्तुत किया। डॉ. कुमार अरुणोदय ने कहा माँ को हम श्रद्धांजलि नहीं दे सकते हैं, याद अवश्य कर सकते हैं। माँ सर्वोपरि है।

कार्यक्रम के सूत्रधार उमेश प्रसाद उमेश ने कहा आज के आधुनिक दौर में किसी सुपुत्र द्वारा अपनी माँ की स्मृति में साहित्यिक आयोजन करना स्वयं में सुसंस्कृत उदाहरण है। कार्यक्रम के आयोजक व मगही के जाने-माने कवि संजीव कुमार मुकेश ने माँ से जुड़ी अपनी बचपन की स्मृतियों को साझा किया। उन्होंने कविता कोश द्वारा लोकभाषा की सेवा को माँ की सेवा कहा। और स्वयंसेवा के लिए सहयोग देने को कहा। सभा को संबोधित करते हुए राहुल शिवाय ने कविता कोश के योगदानों की चर्चा की। उन्होंने अंगिका, मगही, मैथिली, भोजपुरी सभी के विकास की बात कही। उन्होंने कहा 'मगही पुत्रों को भगीरथ बनना होगा। तब कहीं मगही का कष्ट दूर हो सकेगा।' माँ मालती देवी स्मृति समारोह और हिन्दी दिवस के सुखद समागम पर आयोजित इस कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. मुचकुंद शर्मा द्वारा रचित मगही महाकाव्य ‘ययाति एवं मैया कमला’ एवं डॉ. रामाश्रय झा द्वारा डॉ. मुचकुंद शर्मा के जीवन पर आधारित ‘कविकथा’ नामक पुस्तकों का लोकार्पण किया गया।

बिहारशरीफ टाउन हॉल में माँ मालती देवी स्मृति दिवस एवं हिंदी दिवस पर नालन्दा जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन एवं कविता कोश के संयुक्त तत्वावधान में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें बिहार तथा झारखंड के दस कवियों ने कविता, गीत-गज़ल की शानदार प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का शुभारंभ राकेश ऋतुराज ने नालन्दा गीत गाकर किया। धनबाद से आए राष्ट्रीय कवि संगम, झारखंड के प्रांतीय संगठन मंत्री युवा कवि अनंत महेन्द्र, संजीव मुकेश, समीर परिमल, डॉ. कुमार अरुणोदय, नितेश सागर, सागर आनंद, कैलाश झा किंकर, राहुल शिवाय, कुमार आर्यन, मनीष कुमार रंजन, नवनीत कृष्णा, मुनेश्वर समन, रंजीत दूधू सहित शहर के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। धन्यबाद ज्ञापन सह संगोजक विनय कुमार ने किया।