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मारी महिसागर नी आरे ढोल/गुजराती लोक गरबा

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   ♦   रचनाकार: अज्ञात

मारी महिसागर नी आरे ढोल वागे छे

वागे छे ढोल वागे छे ....


गाम गाम ना सोनीडा आवे छे

आवे छे हूँ लावे छे

मारी माँ नी नथनियु लावे छे

मारी महिसागर नी आरे ढोल वागे छे


गाम गाम ना सुथारी आवे छे

आवे छे हूँ लावे छे

मारी माँ नो बाजटीयो लावे छे

मारी महिसागर नी आरे ढोल वागे छे


गाम गाम ना डोशीडा आवे छे

आवे छे हूँ लावे छे

मारी माँ नी चुन्दरियु लावे छे

मारी महिसागर नी आरे ढोल वागे छे


मारी महिसागर नी आरे ढोल वागे छे

वागे छे ढोल वागे छे ....