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मित्र की विदा / एज़रा पाउंड / एम० एस० पटेल

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दीवारों के उत्तर में आसमानी पहाड़,
उनके चौतरफ़ा लिपटती शुभ्र निर्झरणी,
हमें इसी जगह अलग होना है
और हज़ारों मील निर्जीव घास से होकर जाना है ।
 
विशाल बादल की तरह चंचल मन
विगत परिचय की विदा जैसा सूर्यास्त
जो अपने आलिंगन करते हाथ फ़ासले पर झुकाते हैं।
हमारे घोड़े आपस में हिनहिनाते हैं
हम विदा हो रहे हैं ।

मूल अँग्रेज़ी से अनुवाद : एम० एस० पटेल

लीजिए अब मूल अँग्रेज़ी में यही कविता पढ़िए
                Ezra Pound
      Taking Leave of a Friend

Blue mountains to the north of the walls,
White river winding about them;
Here we must make separation
And go out through a thousand miles of dead grass.

Mind like a floating wide cloud,
Sunset like the parting of old acquaintances
Who bow over their clasped hands at a distance.
Our horses neigh to each others
as we are departing.