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मुद्रास्फीति / निकानोर पार्रा / उज्ज्वल भट्टाचार्य

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रोटी की क़ीमत बढ़ गई
फिर से रोटी की क़ीमत बढ़ गई ।
 
मकान के किराये बढ़े
नतीजतन सभी मकानों के किराये दोगुने हो गए ।
 
कपड़े की क़ीमत बढ़ी
इसके चलते कपड़े की क़ीमत बढ़ती गई
बेरोकटोक ।

हम एक
दूषित चक्र में
फँस चुके हैं ।

पिंजरे के अन्दर
भोजन है ।
ज़्यादा नहीं, लेकिन भोजन है ।

बाहर सिर्फ़
आज़ादी के चौरस इलाके ।

अँग्रेज़ी से अनुवाद : उज्ज्वल भट्टाचार्य