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मेरा नशा हो तुम / नाज़िम हिक़मत

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मेरा नशा हो तुम
जिसे छोड़ा नहीं मैंने
हालाँकि अगर छोड़ना जानता भी मैं
तो छोड़ता नहीं कभी

मेरे सिर में दर्द है,
मेरे घुटने भरे हुए हैं चोटों के निशानों से
मैं चारों तरफ़ से कीचड़ में डूबा हूँ
मैं कोशिश कर रहा हूँ
तुम्हारे संकुचित प्रकाश की ओर बढ़ने की।

अँग्रेज़ी से अनुवाद : अनिल जनविजय