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मेरी थकन के हवाले बदलती रहती है / मुनव्वर राना

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मेरी थकन के हवाले [1]बदलती रहती है
मुसाफ़िरत[2]मेरे छाले बदलती रहती है

मैं ज़िंदगी! तुझे कब तक बचा के रक्खूँगा
ये मौत रोज़ निवाले[3]बदलती रहती है

ख़ुदा बचाए हमें मज़हबी सियासत [4]से
ये खेल खेल में पाले बदलती रहती है

उम्मीद[5]रोज़ [6]वफ़ादार ख़ादिमा [7]की तरह
तसल्लियों के प्याले बदलती रहती है

तुझे ख़बर नहीं शायद कि तेरी रुस्वाई[8]
हमारे होंठों के ताले बदलती रहती है

हमारी आरज़ू मासूम लड़कियों की तरह
सहेलियों से दुशाले बदलती रहती है

बड़ी अजीब है दुनिया तवायफ़ों [9]की तरह
हमेशा चाहने वाले बदलती रहती है

शब्दार्थ
  1. संदर्भ,references
  2. यात्रा
  3. ग्रास
  4. धर्मों की राजनीति
  5. आाशा
  6. नित्य
  7. नौकरानी
  8. बदनामी
  9. वेश्याओं, नगर-वधुओं