भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

मेरे मन / रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु'

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

मत उदास हो मेरे मन।

जिनको तुम काँटे समझे हो

वे तो प्यारे चन्दन वन ।

जितना पथ तुम चल पाए हो

वह भी क्या कम बतलाओ ।

जितना अब तक बन पाए हो

उस पर तो कुछ हरषाओ