भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
  काव्य मोती
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

मेला / निशान्त

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

मेले में आई हैं
साधारण सी औरतें-लड़कियां
जिन्हें काम होता है ज्यादा
और सजने-संवरने को
वक्त और साधन कम
वे तो बहुत कम हैं
जिनके लिए हर दिन
मेले का दिन होता है
हाँ! उनके घरों से
लड़के जरुर पहुँचे हैं
मारने के लिए
कुहनियाँ- कंधे!