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मोरया आछो बोल्यो रे / राजस्थानी

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   ♦   रचनाकार: अज्ञात

मोरिया आछो बोलियों रे ढलती रात ने
मोरिया आछो बोलियों रे ढलती रात ने, रात ने, रात ने
औ, म्हारे हिवडे में बेगी रे गुजार मोरिया
आछो बोलियों रे ढलती रात ने