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मोर्निंग ग्लोरी / रित्सुको कवाबाता

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सूर्योदय से पहले
जाते हुए पात्र पेटी की ओर
हूँ आनंदमग्न शांत शीतल पवन के !
एक नन्हा बैंगनी फूल
शाखा पर
शहनाई बजाता स्वागत में नए दिन के !
एक नन्हा लाल फूल
बजाता है धुन जीवन राग की !
इन सुबह के क्षणों में
मोर्निंग ग्लोरी के साथ
मैं गा रही हूँ
सुबह का राग !

अनुवादक: मंजुला सक्सेना