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म्हारे से डरपत नहीं चूहा / राजस्थानी

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   ♦   रचनाकार: अज्ञात

म्हारे से डरपत नहीं चूहा
सेंध चलावै छप्पर में

कैसे पतो पड़ो बणजारिन
चूंटी ना छोड़ो चून
बहिन मेरी कर दियो
छेट चपटिया में

कोठी और कुठिला में
पंसेरी कर दिये मींग
बहिन मेरी जौ की
कर दई बेजरिया

चूहा मारन मैं गई
झट्ट बिलन में जाये
बहिन मेरी मौंछ
हिलावे गिट्टे में