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यदि तुम चाहते हो / अब्दुल्ला पेसिऊ

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मुखपृष्ठ  » रचनाकारों की सूची  » रचनाकार: अब्दुल्ला पेसिऊ  » यदि तुम चाहते हो

यदि तुम चाहते हो
कि बच्चों के बिछौने पर
खिल-खिल जाएँ गुलाबी फूल
 
यदि तुम चाहते हो
कि लद जाए तुम्हारा बगीचा
किस्म किस्म के फूलों से
 
यदि तुम चाहते हो
कि घने काले मेघ आ जाएँ खेतों तक
पैगाम लेकर हरियाली का
और हौले-हौले खोले
मुंदी हुई पलकें बसंत की

तो तुम्हें आज़ाद करना ही होगा
उस क़ैदी परिन्दे को
जिसने घोंसला सजा रखा है
मेरी जीभ पर।

 अंग्रेज़ी से अनुवाद : यादवेन्द्र